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हे कृष्ण

>> Thursday, September 2, 2010




हे कृष्ण

आज सारा भारत

पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा से

तुम्हें नमन कर रहा है ।

हे योगीराज

जितेन्द्रिय

परम ग्यानी

परम प्रिय

तुम्हारी भक्ति की धारा

एक पवित्र भाव बनकर

दिलों में बह रही है ।

किन्तु हे परम प्रिय

परम श्रद्धेय

तुमने गीता में

सबको आश्वासन क्यों दिया?

स्वयं कर्म योगी होकर भी

सबको परमुखापेक्षी

क्यों बना दिया ?

अब दुःख आने पर

लोग संघर्ष नहीं करते

तुम्हें पुकारते हैं ।

हे जितेन्द्रिय

तुम्हारे भक्त कामनाओं

के दास बन चुके हैं ।

भक्ति तो करते हैं

पर कर्म तज चुके हैं ।

अन्याय से दुखी तो होते हैं

पर उसका प्रतिकार

नहीं कर पाते ।

कब तक हम प्रतीक्षा करेंगें?

हमें बल दो कि हम

खुद अन्याय से लड़ पाएँ ।

तभी तम्हारा जन्म

दिवस मनाएँ

सच्ची श्रद्धांजलि दे पाएँ

सच्ची भक्ति कर पाएँ ।

जय श्री कृष्ण

12 comments:

निर्मला कपिला September 2, 2010 at 11:17 AM  

बहुत सुन्दर रचना है। सही मे आज लोग अपनी मनोकामनायें पूएण करने के लिये उसकी पूजा करते हैं। आपने बहुत सही भक्ति का मार्ग दिखाया। केवल राम नाम जपने से कुछ नही होता असली भक्ति तो कर्मयोग ही है। बधाई।

संजय भास्कर September 2, 2010 at 11:31 AM  

बहुत सुन्दर रचना है।

आपको और आपके परिवार को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ

मनोज कुमार September 2, 2010 at 11:36 AM  

बहुत अच्छी प्रस्तुति।
आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को श्री कृष्ण जन्म की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं!

वन्दना September 2, 2010 at 11:49 AM  

बेहद सुन्दर और सार्थक रचना।

कृष्ण प्रेम मयी राधा
राधा प्रेममयो हरी


♫ फ़लक पे झूम रही साँवली घटायें हैं
रंग मेरे गोविन्द का चुरा लाई हैं
रश्मियाँ श्याम के कुण्डल से जब निकलती हैं
गोया आकाश मे बिजलियाँ चमकती हैं

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाये

राज भाटिय़ा September 2, 2010 at 2:50 PM  

कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ

chaman November 9, 2012 at 12:06 AM  

बहुत सुन्दर रचना है। सही मे आज लोग
अपनी मनोकामनायें पूएण करने के लिये
उसकी पूजा करते हैं। आपने बहुत
सही भक्ति का मार्ग दिखाया।

ब्लॉग बुलेटिन August 28, 2013 at 10:33 AM  

पूरी ब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से आप सभी को श्री कृष्णजन्माष्टमी की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ !
ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन कृष्ण जन्म सबकी अंतरात्मा में हो मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार August 28, 2013 at 1:25 PM  




♥ जयश्री कृष्ण ! ♥
_/\_

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की बधाइयां और शुभकामनाएं !
✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿


Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार August 28, 2013 at 1:30 PM  



हे कृष्ण !
हमें बल दो कि हम स्वयं अन्याय से लड़ पाएं...


आदरणीया शोभा जी
बहुत अच्छी प्रेरक और सुंदर रचना के लिए साधुवाद

संगीता स्वरुप ( गीत ) August 28, 2013 at 2:59 PM  

कर्म के बिना कहाँ गति ..... बहुत सुंदर रचना

मदन मोहन सक्सेना August 28, 2013 at 3:40 PM  



बहुत उत्कृष्ट अभिव्यक्ति..श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें!
कभी यहाँ भी पधारें
http://saxenamadanmohan.blogspot.in/
http://saxenamadanmohan1969.blogspot.in/

sushma 'आहुति' August 28, 2013 at 4:46 PM  

खुबसूरत अभिवयक्ति......श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें......

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